प्राकृतिक और पौष्टिक खाद्य पदार्थों से अपने रक्त शर्करा को संतुलित रखें
विस्तार से जानें
आपकी थाली में जो है, वही आपके शरीर में जाता है। मधुमेह को काबू में रखने के लिए यह समझना बहुत ज़रूरी है कि कौन से खाद्य पदार्थ फायदेमंद हैं।
जब आप फाइबर और प्रोटीन से भरपूर भोजन खाते हैं, तो आपका पाचन तंत्र धीरे-धीरे काम करता है। इससे खून में शुगर एकदम से नहीं बढ़ती और आप दिन भर ऊर्जावान रहते हैं।
स्वस्थ वसा इंसुलिन की कार्यक्षमता बढ़ाते हैं और भूख को नियंत्रित करते हैं। यही वजह है कि सही भोजन मधुमेह प्रबंधन में इतना महत्वपूर्ण है।
ओट्स, क्विनोआ और ब्राउन राइस - धीमी ऊर्जा के स्रोत
बादाम, अखरोट और चिया - स्वस्थ वसा से भरपूर
ओमेगा-3 से भरपूर - सूजन कम करती है
पालक, केल - पोषक तत्वों का खजाना
एवोकाडो
अंडे
दालचीनी
हर समूह से कुछ न कुछ रोज़ खाएं और स्वस्थ जीवन जिएं
ओट्स, जौ, रागी और चना दाल जैसे खाद्य पदार्थ धीरे-धीरे ऊर्जा छोड़ते हैं। इनमें फाइबर होता है जो पाचन को धीमा करता है और शुगर को अचानक बढ़ने से रोकता है। रोज़ एक कटोरी ज़रूर खाएं।
बादाम, पिस्ता, अखरोट और अलसी के बीज में मोनोअनसैचुरेटेड फैट होता है। यह हृदय के लिए अच्छा है और खराब कोलेस्ट्रॉल कम करता है। एक मुट्ठी नट्स दिन में काफी है।
सालमन, सारडाइन और हिलसा ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होती हैं। ये शरीर में सूजन कम करती हैं और दिल को स्वस्थ रखती हैं। हफ्ते में कम से कम दो बार खाना चाहिए।
एवोकाडो में कार्बोहाइड्रेट बहुत कम होता है और स्वस्थ वसा बहुत ज़्यादा। यह इंसुलिन की संवेदनशीलता बढ़ाता है और पेट लंबे समय तक भरा रखता है। सलाद में मिलाकर खाएं।
पालक, केल, मेथी और बथुआ में कैलोरी बहुत कम होती है लेकिन विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर होते हैं। ये ग्लूकोज़ को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
अंडे सबसे सस्ता और बेहतरीन प्रोटीन स्रोत हैं। एक उबला अंडा खाने से घंटों तक भूख नहीं लगती। नाश्ते में दो अंडे आपकी शुगर को पूरे दिन स्थिर रख सकते हैं।
दालचीनी एक साधारण मसाला नहीं है - यह आपके रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में बहुत मददगार है। अध्ययन बताते हैं कि रोज़ आधा से एक चम्मच दालचीनी इंसुलिन को बेहतर बना सकती है।
सुबह की चाय या दूध में थोड़ी दालचीनी मिलाएं। दलिया या फलों के साथ भी छिड़क सकते हैं। यह स्वाद भी बढ़ाती है और सेहत भी। कोई साइड इफेक्ट नहीं है।
याद रखें, खाना तो ज़रूरी है लेकिन केवल इतना काफी नहीं। रोज़ 30 मिनट टहलें, पानी खूब पिएं और तनाव मुक्त रहने की कोशिश करें। सब मिलकर स्वस्थ जीवन बनता है।
फल स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं लेकिन मधुमेह में सावधानी ज़रूरी है। जामुन, अमरूद और पपीता सुरक्षित हैं। आम, केला और लीची कम मात्रा में ही खाएं क्योंकि इनमें शुगर ज़्यादा होती है।
सादा पानी सबसे अच्छा पेय है। ग्रीन टी, ब्लैक कॉफी (बिना चीनी) भी फायदेमंद हैं। पैकेज्ड जूस और सोडा से दूर रहें क्योंकि इनमें छिपी हुई शुगर होती है जो हानिकारक है।
मिठाई, पेस्ट्री, तली हुई चीज़ें और सफेद ब्रेड से बचें। ये रक्त शर्करा को तेज़ी से बढ़ाते हैं। सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस खाएं और मैदे की रोटी के बजाय गेहूं या बाजरे की रोटी लें।
देखें कैसे इन आहार बदलावों ने जीवन बदल दिया
"साबुत अनाज खाना शुरू किया तो पहले हफ्ते से ही फर्क महसूस हुआ। अब सुबह उठकर थकान नहीं लगती और शुगर भी नियंत्रण में है।"
रमेश वर्मा
पुणे, महाराष्ट्र
"पहले मुझे लगता था कि मधुमेह में कुछ भी नहीं खा सकते। लेकिन इन खाद्य पदार्थों से मेरा मेनू बढ़ गया और सेहत भी सुधरी।"
आरती देशपांडे
हैदराबाद, तेलंगाना
"दालचीनी और अंडे को रोज़ के खाने में शामिल किया। तीन महीने में मेरा HbA1c 8.5 से 6.8 आ गया। डॉक्टर भी हैरान हैं।"
करण मल्होत्रा
चंडीगढ़
"हरी सब्जियां और मछली खाने से मेरा वजन 7 किलो कम हो गया और ऊर्जा बढ़ गई। अब दवा की मात्रा भी कम हो गई है।"
लक्ष्मी नायर
कोच्चि, केरल
hello (at) pedeyebo.com
पार्क स्ट्रीट, कोलकाता, पश्चिम बंगाल 700016, भारत
+91 76204 58361
बिल्कुल नहीं। दालें, अंडे, पालक और मौसमी सब्जियां बहुत सस्ती हैं। हां, कुछ चीज़ें जैसे एवोकाडो थोड़ी महंगी हो सकती हैं, लेकिन वे ज़रूरी नहीं हैं। आप दूसरे सस्ते विकल्प भी चुन सकते हैं।
हां, बहुत कम मात्रा में और कभी-कभार। लेकिन मिठाई के बजाय फल खाना बेहतर है। अगर बहुत मन करे तो छोटा सा टुकड़ा खा सकते हैं, लेकिन रोज़ नहीं। संयम बहुत ज़रूरी है।
दिन में तीन मुख्य भोजन और दो छोटे स्नैक्स अच्छे हैं। इससे शुगर स्थिर रहती है। बहुत लंबे समय तक भूखे न रहें और एक बार में बहुत ज़्यादा न खाएं। नियमितता बनाए रखें।
बिल्कुल। मछली के बजाय आप दालें, छोले और सोया खा सकते हैं। अलसी और चिया के बीज ओमेगा-3 देते हैं। दूध, दही और पनीर भी प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। विकल्प बहुत हैं।